मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्यभर में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित कर अपनी तैयारियों का आकलन किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में यह अभ्यास प्रदेश के 13 जिलों के 66 संवेदनशील स्थानों पर एक साथ संपन्न हुआ।
इस दौरान भूस्खलन, बादल फटना, सड़क अवरुद्ध होने और अन्य आपात स्थितियों का वास्तविक अभ्यास किया गया। राहत एवं बचाव दलों की तत्परता, मशीनरी की उपलब्धता और संचार व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रबंधन मुख्यालय से सभी जिलों की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समय पर कार्रवाई और बेहतर समन्वय को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहले से पहचान कर अभ्यास कराया गया है। वहीं सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मॉक ड्रिल की समीक्षा के बाद जहां भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें तुरंत दूर किया जाएगा ताकि भविष्य में राहत एवं बचाव कार्य और अधिक प्रभावी बन सकें।