मानसून के मौसम में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए नैनीताल जिले में बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। जिले के पांच अलग-अलग स्थानों पर काल्पनिक आपदा की स्थिति बनाकर प्रशासन, पुलिस और बचाव एजेंसियों की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया गया। इस दौरान जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी कंट्रोल रूम से लगातार पूरे अभियान की निगरानी करते रहे।
मल्लीताल स्थित आलमा कॉटेज क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना मिलते ही प्रशासन ने बिना देर किए राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल दिखाए गए लोगों को अस्पताल रेफर करने की प्रक्रिया भी पूरी की गई। राहत शिविरों में भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया।
प्रशासन के अनुसार बेतालघाट, कालाढूंगी, हल्द्वानी और लालकुआं में भी बाढ़, भूस्खलन और पुल क्षतिग्रस्त होने जैसी परिस्थितियां बनाकर राहत कार्य का अभ्यास किया गया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय तेज और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।