विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के माध्यम से उत्तराखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने का कार्य जारी है। इस बीच उत्तराखंड ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने लोगों से अभियान में सहयोग करने और किसी भी भ्रम से बचने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती सही और सटीक मतदाता सूची पर निर्भर करती है। यदि सूची में मृतक, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टियां बनी रहती हैं तो चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित होती है। इसी उद्देश्य से विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
जोत सिंह बिष्ट ने बताया कि उत्तराखंड में इससे पहले वर्ष 2003 में विशेष गहन पुनरीक्षण हुआ था। अब वर्ष 2026 में दोबारा इस प्रक्रिया को अपनाया गया है ताकि बदलती परिस्थितियों के अनुसार मतदाता सूची को अपडेट किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं और आवश्यक होने पर फोन के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित की जा रही है।
बिष्ट ने कहा कि शुद्ध और अद्यतन मतदाता सूची से भविष्य के चुनाव अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी होंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सत्यापन अभियान में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहें।