उत्तराखंड में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला शुरू होने जा रही है। राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल ने बताया कि इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और पवित्र कलश को वाराणसी से उत्तराखंड लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं आज भी समाज को एकजुट करने का संदेश देती हैं। उनका जीवन समानता, भाईचारे और मानव सेवा का प्रतीक रहा है।
देशराज कर्णवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने इन प्रयासों को सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
29 जुलाई को भाजपा का प्रतिनिधिमंडल वाराणसी के लिए रवाना होगा। वहां से पवित्र कलश लेकर लौटने के बाद 30 जुलाई को हरिद्वार के देवभूमि बॉर्डर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसका स्वागत करेंगे।
इसके बाद चुड़ियाला गांव स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर में विधि-विधान के साथ कलश की स्थापना की जाएगी। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।