फिरोजाबाद में मोहर्रम से पहले ताजिया की ऊंचाई मापने को लेकर एक विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। आरोप है कि इस दौरान पुलिस अधिकारी ने जूते पहनकर ताजिया की नाप ली, जिससे विवाद खड़ा हो गया।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया और लोगों के बीच इस पर चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़ा मुद्दा बताया है।
वहीं विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार पर हमला बोला है और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं। नेताओं का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में तनाव बढ़ा सकती हैं।
मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि यह घटना प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाती है और सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में प्रशासन को अधिक सावधानी और सभी धर्मों के सम्मान के साथ काम करना चाहिए ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।