उत्तराखंड में मानसून को लेकर हाई अलर्ट, विभागों की तैयारियों की हो रही समीक्षा

मानसून सीजन के दौरान उत्तराखंड में हर वर्ष बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए इस बार राज्य सरकार ने मानसून से पहले व्यापक स्तर पर आपदा प्रबंधन तैयारियों का परीक्षण शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार सभी जिलों में तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। हाल ही में आयोजित टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति, संसाधनों की उपलब्धता और विभागीय समन्वय की विस्तार से समीक्षा की।

2 जुलाई को प्रस्तावित राज्यस्तरीय मॉक ड्रिल में विभिन्न सरकारी विभागों, एसडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य सेवाओं की संयुक्त भागीदारी रहेगी। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम के दौरान अत्याधुनिक आपदा राहत उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित टीमों की मदद से कठिन परिस्थितियों में भी राहत अभियान को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकता है।

राज्य सरकार का फोकस स्पष्ट है कि आपदा आने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से तैयारी मजबूत की जाए। इसी रणनीति के तहत नियमित अभ्यास, आधुनिक संसाधनों और बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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