रामनगर के वन प्रभाग कार्यालय परिसर के अंदर स्थित एक घर में दुर्लभ कॉमन सैंड बोआ निकलने से कुछ देर के लिए लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई।
रेस्क्यू टीम ने बेहद सावधानी के साथ सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान किसी भी व्यक्ति या सांप को नुकसान नहीं पहुंचा।
वन विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि कॉमन सैंड बोआ जहरीला नहीं होता। इसे ‘दोमुंहा सांप’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी पूंछ सिर जैसी दिखाई देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह दुर्लभ प्रजाति पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। छोटे जीवों की संख्या नियंत्रित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप दिखाई देने पर अफवाहों पर विश्वास न करें और बिना देर किए रेस्क्यू टीम को सूचना दें।