देहरादून: चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में सक्रिय मानसून को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को और मजबूत कर दिया है। सरकार का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी संभावित आपदा से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि मौसम खराब रहता है या मार्ग असुरक्षित पाए जाते हैं, तो श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाएगा। इस दौरान उन्हें भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और आवास जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि सरकार का पूरा फोकस सुरक्षित चारधाम यात्रा पर है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं और यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी की जा रही है।
सरकार ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। सुरक्षित यात्रा के लिए धैर्य और सतर्कता दोनों आवश्यक हैं।