ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने उत्तराखंड में अपनी राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ कर दी हैं। रुड़की के मंगलौर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे NEET परीक्षा में हुई धांधली और सरकार की नाकामी को लेकर चुप नहीं बैठेंगे। पार्टी अब इस मुद्दे को जनांदोलन बनाने की तैयारी में है।
AIMIM के स्थानीय नेताओं ने कहा कि जब प्रदेश नेतृत्व ही ‘NEET’ और ‘NET’ जैसी बड़ी परीक्षाओं में अंतर नहीं समझ पाता, तो वे राज्य के युवाओं का प्रतिनिधित्व करने के लायक नहीं हैं। ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों से लाखों परीक्षार्थियों के आत्मविश्वास को ठेस पहुँचती है जो दिन-रात पढ़ाई में जुटे रहते हैं।
पार्टी की बैठक में निर्णय लिया गया कि AIMIM की युवा विंग उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में जाकर छात्रों और अभिभावकों से संपर्क साधेगी। पार्टी का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की जरूरत है और इस मुद्दे पर सभी पीड़ित परिवारों को एक मंच पर लाना अनिवार्य हो गया है।
प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए कहा कि जिम्मेदारी केवल कागज़ों पर तय नहीं होनी चाहिए। यदि धांधली हुई है तो उसकी सीधी जवाबदेही शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की बनती है।
AIMIM के नेताओं ने अंत में कहा कि रुड़की की धरती से शुरू हुई यह आवाज़ अब पूरे उत्तराखंड के कोने-कोने तक पहुँचेगी। जब तक छात्रों को इंसाफ नहीं मिलता और परीक्षा में सेंधमारी करने वाले सलाखों के पीछे नहीं जाते, पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।