कोटद्वार: उत्तराखंड के महत्वपूर्ण लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। सर्वोच्च न्यायालय की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने इस मार्ग पर विभिन्न श्रेणी के वाहनों के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
CEC के अनुसार अब सरकारी बसें, GMOU की बसें, निजी सवारी वाहन, स्कूल बसें, किसानों के ट्रैक्टर और भवन निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहन इस मार्ग से संचालित किए जा सकेंगे। इससे क्षेत्र में परिवहन सेवाओं को नई गति मिलेगी।
लंबे समय से वाहन संचालन को लेकर बने संशय के कारण आम लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब इस निर्णय से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों का कहना है कि निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को अनुमति मिलने से कई रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी। वहीं छात्रों और कर्मचारियों के लिए भी यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक होगी।
क्षेत्र की जनता ने इस फैसले का स्वागत करते हुए सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों की सराहना की और इसे जनहित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय बताया।