कोटद्वार क्षेत्र में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन की ओर एक बार फिर ध्यान खींचा है। बाबा सिद्धबली धाम और आसपास के इलाकों में हाथी, गुलदार और अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में संसाधनों की कमी और बदलते मौसम के कारण वन्यजीव अपने पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर निकलने को मजबूर हो रहे हैं। इसका सीधा असर मानव बस्तियों पर पड़ रहा है।
हाल के दिनों में हाथियों द्वारा दुकानों को नुकसान पहुंचाने और गुलदार के हमले जैसी घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई ग्रामीणों का कहना है कि पहले ऐसी घटनाएं बहुत कम होती थीं, लेकिन अब इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।
पर्यावरणविदों का कहना है कि मानव और वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति की जरूरत है। जंगलों के संरक्षण और वन्यजीवों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देना होगा।