रुड़की क्षेत्र के मंडावली गांव में एक दवा कंपनी के खिलाफ सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। ग्राम प्रधान संदेश ने प्रशासन को शिकायत देकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
प्रधान के अनुसार कंपनी ने फैक्ट्री निर्माण के दौरान बंजर भूमि के एक हिस्से को अपने परिसर में शामिल कर लिया। उनका कहना है कि यह भूमि गांव की सार्वजनिक संपत्ति है और इसका संरक्षण प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में अन्य सरकारी जमीनों पर भी अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ सकती हैं। गांव के कई लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
इस बीच राजस्व विभाग की टीम द्वारा भूमि की पैमाइश की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।