चमोली में कचरा बना बड़ी चुनौती, ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था फेल

चमोली: स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने का उद्देश्य अभी तक पूरी तरह सफल होता नजर नहीं आ रहा। चमोली जिले के कई गांवों में बने कूड़ेदान नियमित सफाई के अभाव में भर चुके हैं और अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं।

योजना के अनुसार गांवों से सूखा कचरा एकत्र कर सेग्रिगेशन सेंटर तक पहुंचाया जाना था, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह व्यवस्था लगातार प्रभावित है। कूड़ा उठाने में अनियमितता के कारण कूड़ेदानों में जमा कचरा सड़ रहा है और आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद उनका सही उपयोग नहीं हो रहा। बंदरों द्वारा कूड़ेदानों से कचरा निकालकर सड़कों पर फैलाए जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। इससे सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने दावा किया कि शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है, जबकि जिला पंचायत राज अधिकारी ने माना कि मिडल टियर यानी क्षेत्र पंचायत स्तर पर व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान निकालने की बात भी कही गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्वच्छता के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

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