रामनगर में समाजवादी लोकमंच ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित किया है। उनका मानना है कि युवाओं को निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए ताकि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो सके।
समाजवादी लोकमंच के संयोजक ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है। साथ ही उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान नई शिक्षा नीति और शिक्षा के निजीकरण पर भी सवाल उठाए गए। संगठन का कहना था कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक नीति अपनाई जानी चाहिए, जिससे सभी वर्गों के छात्रों को समान अवसर मिल सकें।
प्रदर्शन के समापन पर संगठन ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को जल्द ठोस निर्णय लेने होंगे। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की मांग दोहराई गई।