मसूरी, उत्तराखंड: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने मासोनिक लॉज बस स्टैंड स्थित लगभग 80 आवासों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग अभियान पूरा किया गया।
प्रशासन के अनुसार यह अभियान उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया। हालांकि कई परिवारों ने दावा किया कि वे लंबे समय से इन आवासों में रह रहे हैं और उनके पास नगर पालिका की वैध रसीदें भी मौजूद हैं। इसके बावजूद उन्हें मकान खाली करने के निर्देश दिए गए।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। प्रियंका पवार ने कहा कि बिना पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के परिवारों को घर से निकालना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में परिवार के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों की अलग-अलग व्याख्या की जा रही है। उनका दावा है कि मौजूदा निवासियों को हटाने का कोई स्पष्ट निर्देश नहीं था और प्रशासन को पहले नोटिस जारी करना चाहिए था।
उधर, उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने कहा कि तीन परिवारों को दो दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है, जबकि बाकी आवासों को सील कर दिया गया है। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन के अनुसार संबंधित भूमि नगर पालिका की है और न्यायालय के निर्देशों के तहत अवैध कब्जों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।