देहरादून: उत्तराखंड हाई कोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी के गौलापार स्थानांतरित करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। तीन सदस्यीय पीठ ने राज्य सरकार को शिफ्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद राज्य में हाई कोर्ट के नए परिसर को लेकर तैयारियां तेज होने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उत्तराखंड बार काउंसिल के वरिष्ठ सदस्य एडवोकेट चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि यह फैसला प्रदेश के न्यायिक ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि नए परिसर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा। इससे न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा।
एडवोकेट तिवारी ने कहा कि प्रदेशभर से आने वाले पक्षकारों के लिए भी गौलापार अधिक सुविधाजनक स्थान साबित होगा। बेहतर सड़क संपर्क और पर्याप्त स्थान होने से लोगों को आने-जाने में आसानी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नैनीताल की पर्यटन पहचान को बनाए रखने के लिए भी यह फैसला सकारात्मक साबित होगा। प्रशासनिक दबाव कम होने से शहर के पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।