चमोली: हरिनगर लेटाल गांव की गर्भवती महिला सरिता देवी की रेफरल के दौरान 108 एंबुलेंस में हुई मौत के बाद सीएचसी थराली की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। इस घटना के विरोध में प्रधान संगठन थराली ने ग्रामीणों के साथ अस्पताल परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अस्पताल में लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। प्रसूति सेवाओं से लेकर अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है, जिससे कई बार मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है।
प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य निदेशक को भेजे गए ज्ञापन में सरिता देवी की मौत की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही अस्पताल में सभी रिक्त पदों को जल्द भरने की अपील भी की गई है।
संगठन ने मांग की कि सीएचसी थराली में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन, पर्याप्त स्टाफ और 24 घंटे प्रसव सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। प्रधान संगठन ने सरकार को 45 दिनों का समय देते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।