रुड़की: मंगलौर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मरगूब कुरैशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी नेतृत्व पर लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उनके बयान के बाद कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
मरगूब कुरैशी ने कहा कि उन्होंने लंबे समय से संगठन के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम किया, लेकिन उन्हें वह पहचान और सम्मान नहीं मिला जिसकी अपेक्षा थी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की अनदेखी पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झबरेड़ा विधायक वीरेन्द्र जाती के पत्र के आधार पर उनके स्थान पर दूसरे नेता को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार, इससे संगठन में असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की तस्वीर स्थानीय बैनरों से गायब होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इसे पार्टी के भीतर बढ़ते गुटीय संघर्ष का संकेत बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले यदि कांग्रेस इन विवादों को सुलझाने में सफल नहीं होती, तो विपक्ष को इसका राजनीतिक लाभ मिल सकता है। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।